चंडीगढ़: हरियाणा में आतंकवाद और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के गठन को मंजूरी दे दी है। गृह विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, इसी साल ATS का औपचारिक गठन कर दिया जाएगा। नई यूनिट राज्य में आतंकवादी गतिविधियों, कट्टरपंथ, संगठित अपराध और संवेदनशील मामलों की निगरानी व कार्रवाई के लिए विशेष रूप से काम करेगी।
5 विशेष विभागों में होगी संरचना
प्रस्तावित ATS को पांच प्रमुख विंग में बांटा जाएगा—
- इंटेलिजेंस और सर्विलांस यूनिट
- ऑपरेशन विंग
- साइबर मॉनिटरिंग सेल
- तकनीकी और फॉरेंसिक सपोर्ट यूनिट
- प्रशासनिक और लॉजिस्टिक विभाग
इन विभागों के जरिए खुफिया जानकारी जुटाने से लेकर त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच तक की प्रक्रिया एक ही छत के नीचे पूरी की जाएगी।
अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा 30% विशेष भत्ता
सरकार ने ATS में तैनात अधिकारियों और जवानों को प्रोत्साहन देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। DSP से लेकर कॉन्स्टेबल स्तर तक के कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी का 30% विशेष अलाउंस दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे विशेष ड्यूटी के लिए सक्षम और प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति आसान होगी।
आधुनिक संसाधनों से लैस होगी यूनिट
सूत्रों के अनुसार, ATS को अत्याधुनिक हथियार, सर्विलांस उपकरण, साइबर ट्रैकिंग सिस्टम और स्पेशल ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य के संवेदनशील जिलों में इसकी विशेष निगरानी रहेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी आतंकी या आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। ATS के गठन के बाद हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर इस वर्ष के भीतर ATS को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाए।
