समालखा (हरियाणा)। हरियाणा के समालखा में 13 मार्च से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह नितिन नवीन सहित देशभर से लगभग 1500 शीर्ष पदाधिकारी और प्रतिनिधि भाग लेंगे।
यह तीन दिवसीय बैठक संघ के वार्षिक कार्यक्रमों, संगठन विस्तार और आगामी रणनीति को लेकर अहम मानी जा रही है।
हिंदू एकता रहेगा मुख्य एजेंडा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में हिंदू समाज की एकता, सामाजिक समरसता और संगठन के विस्तार पर विशेष चर्चा होगी। देश के विभिन्न राज्यों में चल रहे सेवा कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ नए प्रकल्पों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
संघ नेतृत्व समाज में बढ़ती चुनौतियों, सांस्कृतिक पहचान और युवा सहभागिता जैसे मुद्दों पर भी मंथन करेगा।
देशभर से प्रतिनिधियों का जुटान
बैठक में प्रांत और क्षेत्र स्तर के पदाधिकारी, विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधि और प्रमुख कार्यकर्ता शामिल होंगे। करीब 1500 प्रतिनिधियों के शामिल होने से समालखा में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन भी सतर्क है।
संगठनात्मक रणनीति पर रहेगा फोकस
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा को संघ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई माना जाता है। इस मंच पर संगठन की वार्षिक रिपोर्ट पेश की जाती है और आगामी वर्ष की दिशा तय की जाती है।
हरियाणा में आयोजित यह बैठक राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें लिए गए निर्णयों का असर राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल सकता है।
