हर साल 12 लाख टेस्ट होंगे, मां से बच्चे में संक्रमण रोकने का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने गर्भवती महिलाओं और उनके पतियों की ज्वाइंट टेस्टिंग को मंजूरी देकर एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल शुरू की है। इस फैसले का उद्देश्य HIV और सिफलिस जैसे संक्रमणों को समय रहते पहचानना और मां से शिशु में संक्रमण को पूरी तरह रोकना है।
जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत हर साल करीब 12 लाख टेस्ट किए जाएंगे। इसमें गर्भवती महिला के साथ-साथ उसके पति की भी जांच की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण का समय पर पता लगाया जा सके। यह कदम खासतौर पर इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि कई बार संक्रमण की जानकारी देर से मिलती है, जिससे नवजात शिशु भी प्रभावित हो सकता है।
HIV और Syphilis जैसे संक्रमणों को लेकर यह पहल काफी प्रभावी मानी जा रही है। समय पर जांच और इलाज से इन बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है और इनके फैलाव को रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि इस योजना के जरिए “मां से बच्चे में संक्रमण” को शून्य (Zero) तक लाया जाए। इसके लिए सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की जाएगी, जहां मुफ्त में टेस्टिंग और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पति को भी जांच प्रक्रिया में शामिल करने से संक्रमण की चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी और यह एक व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा मॉडल बन सकता है।
यह पहल न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करेगी, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
