हरियाणा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) श्रेणी के छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति से पहले करीब 2150 निजी स्कूलों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत स्कूलों की मान्यता, कक्षाओं की वैधता और छात्रों के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि संबंधित स्कूल मान्यता प्राप्त हों और नियमों के अनुसार ही कक्षाएं संचालित कर रहे हों। बिना मान्यता या नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को भुगतान नहीं किया जाएगा।
इस कदम का उद्देश्य सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकना, EWS योजना का सही क्रियान्वयन करना और जरूरतमंद छात्रों तक लाभ को पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
