शिमला। Himachal Pradesh में कृषि उपज मंडी समितियों (APMC) के चेयरमैन का मानदेय बढ़ाने की तैयारी को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, चेयरमैन का मासिक मानदेय बढ़ाकर करीब 80 हजार रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। यह प्रस्ताव संबंधित विभाग की ओर से सरकार के पास भेजा गया था, लेकिन वित्तीय बोझ और संसाधनों की स्थिति को देखते हुए इसे मंजूरी नहीं मिल सकी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव में तर्क दिया गया था कि APMC चेयरमैन की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं और बाजार व्यवस्था, किसानों के हितों तथा मंडी संचालन में उनकी भूमिका अहम है। इसलिए मानदेय में वृद्धि आवश्यक है। हालांकि, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आर्थिक स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त वित्तीय भार उठाना संभव नहीं है।
बताया जा रहा है कि RDG (रिव्यू/डिपार्टमेंटल ग्रुप) स्तर पर भी इस पर चर्चा हुई थी, जहां से सकारात्मक संकेत की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर प्रस्ताव को निरस्त करने का रहा। इससे चेयरमैन पद पर आसीन पदाधिकारियों को बड़ा झटका लगा है।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है। विपक्ष का कहना है कि सरकार विभिन्न पदों पर मानदेय बढ़ाने में चयनात्मक रवैया अपना रही है, जबकि सत्तापक्ष का दावा है कि सरकार वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दे रही है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह साफ है कि APMC चेयरमैन का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव अभी ठंडे बस्ते में चला गया है।
