पटना | विशेष रिपोर्ट
होली के त्योहार से पहले बिहार में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) का खतरा बढ़ गया है। राजधानी पटना के एक सरकारी पॉल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। संक्रमण की रोकथाम के लिए करीब 6000 मुर्गियों को मारकर वैज्ञानिक तरीके से दफना दिया गया है।
पॉल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी पॉल्ट्री फॉर्म में अचानक बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत होने के बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होते ही पूरे परिसर को सील कर दिया गया।
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए:
- सभी संक्रमित और संदिग्ध मुर्गियों को नष्ट किया गया
- फॉर्म परिसर को सैनिटाइज किया गया
- आसपास के क्षेत्र को निगरानी में लिया गया
पटना जू में हाई अलर्ट
बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जू प्रशासन ने पक्षियों के बाड़ों के आसपास विशेष निगरानी शुरू कर दी है। बाहरी पक्षियों के संपर्क को रोकने और नियमित स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जू प्रबंधन का कहना है कि फिलहाल किसी भी पक्षी में संक्रमण के लक्षण नहीं मिले हैं, लेकिन एहतियातन सख्ती बरती जा रही है।
चिकन बिक्री पर असर
बर्ड फ्लू की खबर के बाद बाजार में चिकन की बिक्री पर भी असर पड़ने लगा है। कई इलाकों में लोगों ने एहतियात के तौर पर चिकन खरीदना कम कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि अच्छी तरह पकाया गया चिकन खाने से संक्रमण का खतरा नहीं होता, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
- किसी भी क्षेत्र में मुर्गियों या पक्षियों की असामान्य मौत दिखे तो तुरंत सूचना दें
- अफवाहों पर ध्यान न दें
- बिना जांच के किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें
होली पर बढ़ी चिंता
होली जैसे बड़े त्योहार से पहले बर्ड फ्लू की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है। भीड़भाड़ और खानपान के चलते संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं।
