नई दिल्ली। 1 मार्च से देशभर में मैसेजिंग ऐप WhatsApp को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब बिना वैध सिम कार्ड के व्हाट्सएप का उपयोग संभव नहीं होगा। इसके साथ ही डेस्कटॉप या वेब वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को हर 6 घंटे में दोबारा लॉगइन करना पड़ेगा।
क्या है नया नियम?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फर्जी सिम और फेक अकाउंट्स के जरिए बढ़ रहे साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब हर व्हाट्सएप अकाउंट को सक्रिय और सत्यापित मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य होगा।
- बिना एक्टिव सिम वाले नंबर पर व्हाट्सएप काम नहीं करेगा।
- यदि सिम बंद या निष्क्रिय पाया गया तो अकाउंट स्वतः लॉगआउट हो सकता है।
- व्हाट्सएप वेब/डेस्कटॉप यूजर्स को हर 6 घंटे में री-ऑथेंटिकेशन करना होगा।
डेडलाइन नहीं बढ़ेगी
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 मार्च की तय समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। संबंधित विभागों का कहना है कि कई बार चेतावनी और समय दिया जा चुका है, इसलिए अब नियम सख्ती से लागू होंगे।
क्यों लिया गया फैसला?
पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, OTP स्कैम और साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। जांच एजेंसियों ने पाया कि कई मामलों में निष्क्रिय या फर्जी सिम के जरिए व्हाट्सएप अकाउंट चलाए जा रहे थे।
नई व्यवस्था से:
- फर्जी प्रोफाइल पर रोक लगेगी
- साइबर अपराध की ट्रैकिंग आसान होगी
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेजी आएगी
यूजर्स क्या करें?
- सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर एक्टिव है।
- KYC अपडेटेड सिम का ही इस्तेमाल करें।
- व्हाट्सएप का लेटेस्ट वर्जन अपडेट रखें।
- वेब वर्जन इस्तेमाल करते समय समय-समय पर दोबारा लॉगिन के लिए तैयार रहें।
आम लोगों पर क्या असर?
इस फैसले से उन यूजर्स को परेशानी हो सकती है जो लंबे समय से बिना रिचार्ज या बंद सिम पर व्हाट्सएप चला रहे थे। हालांकि, सरकार का दावा है कि इससे आम नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
अगर आप भी व्हाट्सएप यूजर हैं, तो 1 मार्च से पहले अपने सिम और अकाउंट की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि सेवा में कोई बाधा न आए।
