मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार को 31 घंटे बाद यातायात पूरी तरह बहाल हो सका। खालापुर के पास एक टैंकर के पलटने से एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा बंद हो गया था, जिससे दोनों ओर करीब 25 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस जाम में डेढ़ लाख से ज्यादा यात्री फंस गए, जिन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हादसा गुरुवार तड़के हुआ, जब मुंबई की ओर जा रहा एक टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण सुरक्षा के मद्देनज़र एक्सप्रेसवे को तत्काल बंद कर दिया गया। हादसे के बाद पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रिसाव को रोकने के साथ-साथ टैंकर को हटाने का काम शुरू किया गया।
एक्सप्रेसवे बंद रहने से पुणे से मुंबई और मुंबई से पुणे जाने वाले हजारों वाहन फंस गए। कई यात्रियों को घंटों तक गाड़ियों में ही इंतजार करना पड़ा। खाने-पीने और पानी की कमी के कारण लोगों को भारी दिक्कत हुई, वहीं एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। पुलिस ने पुराने हाईवे और अन्य वैकल्पिक सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया, लेकिन वहां भी दबाव बढ़ गया।
करीब 31 घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से टैंकर को हटाया गया और सड़क की सफाई करवाई गई। इसके बाद शुक्रवार दोपहर को एक्सप्रेसवे को चरणबद्ध तरीके से खोला गया। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अब सामान्य हो गई है, हालांकि वाहनों का दबाव कम होने में कुछ और समय लग सकता है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर लें और जरूरत न होने पर एक्सप्रेसवे से फिलहाल बचें। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और टैंकर चालक से पूछताछ जारी है।
