रियाणा में महिला आयोग की चेयरपर्सन के कथित “बेटी वाले” बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेशभर की नर्सें अब चेयरपर्सन के इस्तीफे की मांग पर अड़ गई हैं और विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के बयानों ने भी नया मोड़ ले लिया है।
विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मामले में कार्रवाई करते हुए कुरुक्षेत्र के सीएमओ को बर्खास्त कर दिया गया है। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। हालांकि, दूसरी ओर सीएमओ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अपनी बर्खास्तगी की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि विवादित बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और जब तक महिला आयोग की चेयरपर्सन अपने पद से इस्तीफा नहीं देतीं या सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। विभिन्न जिलों में नर्सिंग कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
नर्सिंग संगठनों का आरोप है कि पूरे मामले में उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर कई स्थानों पर धरना और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के बयान और सीएमओ के दावे के बाद अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
