हरियाणा में मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान आज से शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत राज्यभर में मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा और अयोग्य या अपात्र मतदाताओं की पहचान की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने 21 हजार से अधिक कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और अन्य नियुक्त कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित या अन्य कारणों से अयोग्य हो चुके मतदाताओं की पहचान कर उनकी जानकारी सूचीबद्ध की जाएगी। साथ ही नए पात्र मतदाताओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सत्यापन के दौरान नागरिकों से आवश्यक दस्तावेज और जानकारी भी मांगी जा सकती है, ताकि रिकॉर्ड को सही तरीके से अपडेट किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत एकत्र की गई जानकारी के आधार पर 1 जुलाई को अयोग्य मतदाताओं की प्रारंभिक सूची जारी की जाएगी। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति या दावा दर्ज कराने का अवसर भी मिलेगा। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
चुनाव विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सत्यापन कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
राज्यभर में चलने वाले इस अभियान पर निर्वाचन अधिकारियों की विशेष नजर रहेगी। विभिन्न जिलों में तैनात टीमों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह अपडेट की जा सके।
