हरियाणा महिला आयोग में नई नियुक्तियों के बाद सोमवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने आधिकारिक रूप से पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद आयोग की नई अध्यक्ष Usha Priyadarshini ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय को प्राथमिकता देने की बात कही।
मीडिया से बातचीत के दौरान उषा प्रियदर्शनी ने कहा कि आयोग महिलाओं से जुड़े हर मामले की गंभीरता से सुनवाई करेगा और किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
अध्यक्ष ने उस चर्चित मामले पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद पूर्व महिला आयोग चेयरपर्सन को इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उस मामले की भी निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी। उनका कहना था कि आयोग किसी भी मामले में पूर्वाग्रह से काम नहीं करेगा और सच्चाई सामने लाने का प्रयास करेगा।
नई उपाध्यक्ष ने भी पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आयोग सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, भेदभाव या हिंसा की स्थिति में आयोग से संपर्क करें।
पदभार ग्रहण समारोह के दौरान आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नई अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर महिला सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।
उषा प्रियदर्शनी ने कहा कि आयोग महिलाओं से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करेगा और शिकायतों के निपटारे में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी दी जाएगी।
नई टीम के कार्यभार संभालने के साथ ही महिला आयोग से महिलाओं को न्याय और सुरक्षा से जुड़ी अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि वह निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा।
