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हरियाणा के झज्जर स्थित सरकारी ब्लड बैंक में करीब 19 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि ब्लड बैंक में तैनात एक अकाउंटेंट ने निजी अस्पतालों से ली जाने वाली निर्धारित फीस को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय अपने निजी बैंक खाते में जमा कराया।
मामले का खुलासा विभागीय जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन के मिलान में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद हुआ। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, निजी अस्पतालों से ब्लड बैंक सेवाओं के बदले प्राप्त होने वाली राशि सरकारी राजस्व के रूप में जमा की जानी थी। आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और कई लेनदेन निजी खाते में स्थानांतरित किए गए। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऑडिट रिपोर्ट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी गहन जांच कराई जाएगी।
फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है और संबंधित अधिकारी सभी तथ्यों को एकत्र करने में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
