हरियाणा के रोहतक में पिछले 20 दिनों के दौरान आग लगने की 10 अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं में कहीं एसी का कम्प्रेशर फटने से आग लगी, तो कहीं शॉर्ट सर्किट के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। लगातार हो रही घटनाओं ने शहर में फायर सेफ्टी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
जानकारी के अनुसार, अधिकांश मामलों में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़े हादसे टल गए। हालांकि कई जगहों पर लाखों रुपये का नुकसान हुआ। राहत की बात यह रही कि अधिकांश घटनाओं में कोई जनहानि की सूचना नहीं मिली, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा।
इन घटनाओं के बाद यह भी सामने आया कि जिन स्थानों पर आग लगी, वहां पर्याप्त फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था। कई इमारतों में अग्निशमन उपकरण या तो नहीं थे या फिर खराब स्थिति में मिले। इससे आग लगने की स्थिति में शुरुआती नियंत्रण करना मुश्किल हो गया।
फायर विभाग का कहना है कि गर्मी, बिजली के उपकरणों पर बढ़ता दबाव और लापरवाही आग लगने की प्रमुख वजह बन रहे हैं। विभाग ने लोगों से बिजली के उपकरणों की नियमित जांच कराने, ओवरलोडिंग से बचने और फायर सेफ्टी उपकरणों को हमेशा कार्यशील रखने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। इससे आग जैसी घटनाओं में जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
