हरियाणा के नारनौल स्थित यदुवंशी कॉलेज में बी.एड. प्रैक्टिकल परीक्षाओं को दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला छात्रों की शिकायतों के बाद लिया गया है। आरोप है कि प्रैक्टिकल परीक्षा के नाम पर छात्रों से ₹3,000-₹3,000 की मांग की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने दोबारा परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत बी.एड. प्रैक्टिकल परीक्षाएं ऑब्जर्वर की निगरानी में आयोजित की जाएंगी। पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की शिकायतों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वह विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगा। छात्रों से भी अपील की गई है कि वे दोबारा आयोजित होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षा में निर्धारित समय पर उपस्थित हों और किसी भी समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
इस निर्णय का छात्रों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऑब्जर्वर की मौजूदगी और वीडियो रिकॉर्डिंग से परीक्षा प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर बनी हुई है।
