हरियाणा के सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए तीखी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में उन लोगों को आगे बैठाया जा रहा है, जो केवल “मंजी ठोकने” का काम करते हैं, जबकि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वालों की अनदेखी की जा रही है।
विधायक सेतिया ने अपने संबोधन में कहा कि वे ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करेंगे और किसी भी प्रकार का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे “दब्बू” नहीं हैं और पार्टी में कार्यकर्ताओं तथा जनप्रतिनिधियों को सम्मान मिलना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को पार्टी के अंदर चल रही नाराजगी और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी उनके बयान को लेकर काफी चर्चा रही।
फिलहाल पार्टी की ओर से विधायक के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर पार्टी के भीतर और चर्चा हो सकती है।
यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आगे पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।
