हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) में छात्रों से कथित अवैध वसूली के आरोपों के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, एक विभागाध्यक्ष (HOD) के कार्यालय से 36 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ समय से छात्रों की ओर से आरोप लगाए जा रहे थे कि विभाग में विभिन्न कार्यों के नाम पर उनसे नियमों के विपरीत पैसे लिए जा रहे हैं। शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच के दौरान संबंधित कार्यालय की जांच की गई। इसी दौरान कार्यालय से 36 हजार रुपये नकद मिलने की बात सामने आई।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। समिति यह पता लगाएगी कि बरामद नकदी किस उद्देश्य से कार्यालय में रखी गई थी और क्या इसका छात्रों से लगाए गए आरोपों से कोई संबंध है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, छात्रों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाना जरूरी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। समिति की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
