हरियाणा के करनाल में एक नर्सिंग छात्रा ने अपनी सूझबूझ और समय पर किए गए प्रयास से एक बुजुर्ग महिला की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की। यह घटना उस समय हुई जब एक बस की टक्कर के बाद बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी सांसें रुकने लगीं।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इसी दौरान वहां मौजूद एक नर्सिंग छात्रा ने बिना देर किए महिला की स्थिति का आकलन किया और उन्हें सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू कर दिया। कुछ मिनटों की लगातार कोशिश के बाद महिला में जीवन के संकेत दिखाई देने लगे और उनकी सांसें वापस आने लगीं।
इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से बुजुर्ग महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने भी समय पर दिए गए प्राथमिक उपचार और सीपीआर को महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण बताया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग नर्सिंग छात्रा की तत्परता, साहस और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा के महत्व का बेहतरीन उदाहरण बताया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुकने की स्थिति में सही तरीके और समय पर दिया गया CPR कई बार जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। यह घटना भी इसी बात का उदाहरण मानी जा रही है। फिलहाल घायल महिला का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
