देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद नई बहस शुरू हो गई है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जींद से रवाना हुई हाइड्रोजन ट्रेन तकनीकी खराबी के कारण रास्ते में बंद हो गई और उसे टोचन (खींचकर) दिल्ली ले जाना पड़ा।
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी बयान देते हुए कहा कि ट्रेन को खराब होने के बाद टोचन करके दिल्ली ले जाया गया। उन्होंने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और परियोजना की तैयारियों पर सवाल उठाए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जींद से इस हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसे स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। ट्रेन के संचालन को भारतीय रेलवे की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
वायरल वीडियो और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अभी तक संबंधित रेलवे अधिकारियों की ओर से तकनीकी खराबी के कारणों पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में ट्रेन के रुकने, टोचन किए जाने और खराबी की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच या आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है। रेलवे की ओर से तकनीकी जांच की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। जांच रिपोर्ट और आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
