हरियाणा के गुरुग्राम में कथित फर्जी डोमिसाइल प्रमाणपत्र मामले में नाम सामने आने के बाद एक लॉ स्टूडेंट ने अपनी सफाई दी है। छात्र का कहना है कि उसे RWA (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) चुनाव की रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है।
लॉ स्टूडेंट ने दावा किया कि उसके खिलाफ की गई शिकायत व्यक्तिगत और चुनावी विवाद का परिणाम है। उसने आरोप लगाया कि CM विंडो का दुरुपयोग कर उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, जबकि उसने कोई गलत दस्तावेज तैयार या इस्तेमाल नहीं किया।
छात्र ने यह भी कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है और उसे उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। उसने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
दूसरी ओर, संबंधित एजेंसियां और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांचाधीन है। छात्र द्वारा लगाए गए आरोप और उसका पक्ष उसकी ओर से दिया गया बयान है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
