हरियाणा में हांसी वाले बाबा को लेकर चल रही बहस के बीच टीचर सुलेखा का बयान सामने आया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से बाबा का समर्थन करते हुए कहा कि यदि किसी धार्मिक संस्था पर कार्रवाई की जाती है, तो कानून के दायरे में सभी मामलों को समान रूप से देखा जाना चाहिए।
सुलेखा ने अपने बयान में रामपाल और आसाराम से जुड़े डेरों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वहां अनियमितताएं हैं, तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसे पाखंड बताना उचित नहीं है और सभी मामलों में एक समान कानून लागू होना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने धर्मेंद्र हुड्डा को खुली चुनौती देते हुए अपने आरोपों और विचारों को सार्वजनिक रूप से रखने की बात कही। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल इस मामले पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, बयान को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
यह बयान संबंधित व्यक्ति के सार्वजनिक दावे पर आधारित है। इससे जुड़े आरोपों या टिप्पणियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि किसी मामले में कानूनी जांच या न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, तो उसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।
