हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को घेवर परोसने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री को परोसे गए घेवर के डिब्बे पर एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं थी। इसके बाद मामले को लेकर सवाल उठने लगे।
वहीं अधिकारियों की ओर से अलग वजह बताई गई है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के डायबिटिक होने के कारण घेवर को मेन्यू से हटा दिया गया था। इसके बावजूद घेवर परोसे जाने की बात सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के लिए खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान घेवर को लेकर चर्चा शुरू हुई। एक तरफ पैकेजिंग पर एक्सपायरी डेट नहीं होने का दावा किया गया, जबकि दूसरी ओर अधिकारियों ने इसे मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य संबंधी डाइट प्रबंधन से जोड़कर बताया।
मामले के सामने आने के बाद खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और पैकेजिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पैक्ड खाद्य पदार्थों पर जरूरी जानकारी दर्ज होना उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, घेवर की पैकेजिंग पर वास्तव में कौन-कौन सी जानकारी दर्ज थी और उसकी गुणवत्ता से संबंधित कोई नियम टूटा या नहीं, यह संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित मेन्यू में घेवर शामिल नहीं था। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि मिठाई मेन्यू का हिस्सा नहीं थी तो इसे मुख्यमंत्री के सामने किसने परोसा।
फिलहाल मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पैकेट की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
