हरियाणा के सिरसा में सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (SE) को करीब 7 महीने बाद बहाल कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि अधिकृत जमीन वाले किसानों को भुगतान नहीं करने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अब बहाली के बाद वह आज अपना कार्यभार संभालेंगे।
जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग से जुड़े एक मामले में किसानों की जमीन को अधिकृत किए जाने के बावजूद उन्हें निर्धारित भुगतान नहीं किया गया था। इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर SE के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
करीब 7 महीने तक कार्रवाई का सामना करने के बाद अब संबंधित अधिकारी को दोबारा सेवा में बहाल कर दिया गया है। बहाली के बाद वह सिरसा में अपना कार्यभार संभालने की तैयारी में हैं।
मामला किसानों को उनकी जमीन के बदले मिलने वाले भुगतान से जुड़ा होने के कारण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जमीन अधिकृत किए जाने के बाद मुआवजा या निर्धारित राशि समय पर नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
विभागीय कार्रवाई के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारियों की जांच की गई। अब बहाली के आदेश जारी होने के बाद अधिकारी दोबारा विभागीय जिम्मेदारी संभालेंगे।
SE के कार्यभार संभालने के बाद किसानों से जुड़े भुगतान और सिंचाई विभाग के अन्य लंबित मामलों पर भी नजर रहेगी। किसानों को उम्मीद है कि अधिकृत जमीन से संबंधित भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी।
हालांकि, बहाली का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मामले में सभी आरोप स्वतः समाप्त हो गए हैं। विभागीय रिकॉर्ड और आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
