हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मुलाकात की। इस दौरान राज्य और सेना के बीच सिविल-मिलिट्री समन्वय, अग्निवीरों से जुड़े मुद्दों और पूर्व सैनिकों के पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
बैठक में हरियाणा में सेना और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल को लेकर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों के साथ-साथ सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
मुलाकात के दौरान अग्निवीरों के भविष्य और उनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को लेकर भी बातचीत हुई। सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार और कौशल विकास के अवसर देने को लेकर राज्य सरकार और सेना के बीच समन्वय की जरूरत पर जोर दिया गया।
इसके अलावा पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और कल्याण से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में रहे। हरियाणा में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिवार रहते हैं। ऐसे में उनके लिए रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी मंथन किया गया।
सिविल-मिलिट्री समन्वय के तहत सेना और प्रशासन के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। आपदा प्रबंधन, नागरिक सहायता और अन्य परिस्थितियों में सेना तथा राज्य प्रशासन के बेहतर तालमेल को लेकर भी विचार साझा किए गए।
मुख्यमंत्री ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं सेना प्रमुख की ओर से भी राज्य सरकार के सहयोग और समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक में सामने आए मुद्दों को लेकर आगे संबंधित विभागों और अधिकारियों के स्तर पर समन्वय किया जा सकता है।
सेना प्रमुख और मुख्यमंत्री की यह मुलाकात सैनिकों, अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों पर राज्य और सेना के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
