भिवानी की टीचर मनीषा की मौत के मामले में CBI ने इसे सुसाइड माना है। जांच पूरी करने के बाद CBI की ओर से परिवार को लैटर भेजे जाने और कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की बात सामने आई है। वहीं मनीषा के पिता ने CBI की जांच पर सवाल उठाते हुए इसे लीपापोती बताया है।
जानकारी के अनुसार, मनीषा की मौत के मामले की जांच लंबे समय से CBI के पास थी। जांच के दौरान एजेंसी ने अलग-अलग पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की। अब CBI ने अपनी जांच के आधार पर मौत को आत्महत्या माना है और मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है।
CBI की ओर से परिवार को भेजे गए लैटर में जांच के निष्कर्ष की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में मौत को सुसाइड बताए जाने के बाद परिवार ने इस निष्कर्ष पर आपत्ति जताई है।
मनीषा के पिता का कहना है कि वह CBI की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि मामले में सही तरीके से जांच नहीं की गई और लीपापोती की गई। परिवार का कहना है कि वे उपलब्ध दस्तावेज और जांच रिपोर्ट देखने के बाद आगे की कानूनी रणनीति तय करेंगे।
परिवार की ओर से 27 तारीख को इस मामले में फैसला लेने की बात कही गई है। वे CBI की क्लोजर रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों का अध्ययन करने के बाद तय करेंगे कि रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या उसके खिलाफ कानूनी कदम उठाया जाए।
क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बावजूद अंतिम कानूनी स्थिति अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी। यदि परिवार रिपोर्ट का विरोध करता है तो वह अदालत के सामने अपनी आपत्तियां रख सकता है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
मामले में मनीषा के परिवार ने पहले भी उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए थे। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट होनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
फिलहाल CBI की जांच और क्लोजर रिपोर्ट के बाद मामले में एक नया मोड़ आया है। अब सबकी नजर 27 तारीख को परिवार की ओर से लिए जाने वाले फैसले और उसके बाद की कानूनी कार्रवाई पर है।
