हरियाणा में सरकारी भवन निर्माण को लेकर एक नई पहल सामने आई है। प्रस्तावित भवन में पारंपरिक निर्माण तकनीक के बजाय स्टील स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन में 2 बेसमेंट और 6 मंजिलें होंगी।
जानकारी के अनुसार, भवन का निर्माण आधुनिक तकनीक के आधार पर किया जाएगा। स्टील स्ट्रक्चर के इस्तेमाल से निर्माण कार्य को अपेक्षाकृत तेजी से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना को करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
भवन में दो बेसमेंट बनाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल पार्किंग, स्टोरेज या अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए किया जा सकता है। इसके ऊपर छह मंजिलों का निर्माण किया जाएगा, जहां सरकारी कार्यालय और संबंधित विभागों की व्यवस्थाएं हो सकती हैं।
करीब 50 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को आधुनिक सरकारी बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्टील स्ट्रक्चर तकनीक के कारण निर्माण प्रक्रिया में समय की बचत होने के साथ-साथ डिजाइन और निर्माण में भी लचीलापन मिल सकता है।
परियोजना के दौरान भवन की सुरक्षा, मजबूती और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों की ओर से तय मानकों के अनुसार काम कराया जाएगा।
डेढ़ साल की निर्धारित समय सीमा में निर्माण पूरा करने के लिए काम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। निर्माण की प्रगति की निगरानी संबंधित अधिकारी करेंगे।
यह सरकारी भवन तैयार होने के बाद कर्मचारियों और आम लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। आधुनिक डिजाइन और स्टील स्ट्रक्चर इसे पारंपरिक सरकारी भवनों से अलग पहचान देगा।
फिलहाल परियोजना को लेकर तैयारियां और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत और छह मंजिल वाले इस भवन के डेढ़ साल में तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है।
