हरियाणा में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के एक बयान को लेकर पंजाबी समाज में नाराजगी सामने आई है। मंत्री के कथित बयान ‘पंजाबी नाम से वोट नहीं मिलते’ को लेकर समाज के लोगों ने विरोध जताया है। बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि राव इंद्रजीत सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक समर्थन और वोट को लेकर पंजाबी समाज का जिक्र किया था। उनके बयान में यह बात कही गई कि केवल पंजाबी नाम के आधार पर वोट नहीं मिलते।
मंत्री के इस बयान पर पंजाबी समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है। समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी समुदाय को लेकर इस तरह की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने बयान को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और स्पष्टीकरण की मांग की।
विरोध करने वाले लोगों ने कहा कि पंजाबी समाज हरियाणा के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका कहना है कि चुनाव में किसी भी समुदाय के मतदाताओं के योगदान को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।
बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी नेताओं ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। वहीं समर्थक इसे राजनीतिक संदर्भ में कही गई बात बता रहे हैं।
राव इंद्रजीत सिंह की ओर से कथित तौर पर यह भी कहा गया कि यदि राजनीतिक तौर पर हाथ पीछे खींचे गए तो सांसद बनना मुश्किल हो सकता है। इस बयान को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
पंजाबी समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि मंत्री अपने बयान को स्पष्ट करें और यदि किसी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं तो उस पर स्पष्टीकरण दिया जाए।
मामले के तूल पकड़ने के बाद अब राव इंद्रजीत सिंह की ओर से इस बयान पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर बनी हुई है। वहीं पंजाबी समाज की ओर से भी विरोध की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
फिलहाल बयान को लेकर हरियाणा की राजनीति में बहस तेज हो गई है। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और बड़ा मुद्दा बन सकता है।
