करनाल में हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आने से श्रद्धालुओं से भरे कैंटर में करंट दौड़ गया। हादसे के बाद करीब 70 श्रद्धालुओं को बचाने के लिए आगे आए पूर्व सैनिक की करंट लगने से मौत हो गई। पूर्व सैनिक की बहादुरी को देखते हुए उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई।
बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं से भरा कैंटर धार्मिक यात्रा पर जा रहा था। रास्ते में कैंटर हाईवोल्टेज बिजली की तारों के संपर्क में आ गया। तारों से टच होते ही वाहन में करंट फैल गया और श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे के बाद श्रद्धालुओं को बचाने के लिए आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे आए। इसी दौरान पूर्व सैनिक भी लोगों की मदद करने पहुंचे। आरोप है कि बचाव के दौरान वह हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पूर्व सैनिक ने अपनी जान की परवाह किए बिना श्रद्धालुओं की मदद करने की कोशिश की। उनकी मौत के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है। लोगों ने उनकी बहादुरी और साहस को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बिजली विभाग की टीम ने हाईवोल्टेज लाइन की सप्लाई बंद कराई, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
घटना के बाद घायल और प्रभावित श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कैंटर हाईवोल्टेज तारों के संपर्क में कैसे आया।
पूर्व सैनिक के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
परिजनों के लिए यह हादसा बेहद दुखद है। परिवार और क्षेत्र के लोगों ने पूर्व सैनिक को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने संकट के समय दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।
हाईवोल्टेज तारों से जुड़े हादसों को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे स्थानों पर वाहन और बिजली लाइनों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग हादसे की जांच कर रहे हैं। पूर्व सैनिक की बहादुरी और बलिदान को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक और सम्मान का माहौल है।
