सिरसा में शेड खाली कराने पहुंची प्रशासनिक टीम और वकीलों के बीच विवाद हो गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार और वकीलों में तीखी बहस हुई। मामला उस समय बिगड़ गया, जब बातचीत के दौरान ‘जूते मारने’ की बात सामने आई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच तनाव बढ़ गया।
जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक टीम शेड खाली कराने के लिए मौके पर पहुंची थी। टीम के साथ JCB भी मौजूद थी, ताकि जरूरत पड़ने पर निर्माण या शेड को हटाने की कार्रवाई की जा सके।
कार्रवाई शुरू होने से पहले ही मौके पर कुछ वकील पहुंच गए और उन्होंने प्रशासनिक टीम की कार्रवाई का विरोध किया। वकीलों और अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान मामला गरमा गया और दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
इसी दौरान ‘जूते मारने’ की बात को लेकर विवाद और बढ़ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए JCB को भी रोक दिया गया और शेड खाली कराने की कार्रवाई तत्काल आगे नहीं बढ़ सकी।
वकीलों का कहना था कि कार्रवाई से पहले मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। वहीं प्रशासनिक टीम की ओर से शेड को खाली कराने की कार्रवाई को लेकर अपने स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई।
घटना के बाद मौके पर काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा। दोनों पक्षों के बीच हुई बहस का VIDEO भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके आधार पर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सकती है।
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुट सकता है कि शेड खाली कराने के आदेश किस आधार पर जारी किए गए थे और कार्रवाई के दौरान विवाद की शुरुआत किस बात से हुई।
वहीं वकीलों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए विवाद को लेकर आगे शिकायत या कार्रवाई की स्थिति भी सामने आ सकती है। मामले में दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात अधिकारियों के सामने रख सकते हैं।
JCB को रोके जाने के बाद तत्काल शेड खाली कराने की कार्रवाई प्रभावित हुई। अब प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के बाद आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।
फिलहाल मौके पर हुए विवाद के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक कार्रवाई और वकीलों के विरोध के बीच पैदा हुए विवाद की पूरी तस्वीर जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद स्पष्ट होगी।
