हिसार में जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार 15 दिन बाद किया गया। उनके पैतृक गांव में 11 वर्षीय बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान खाप प्रतिनिधि, किसान संगठन और बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
जीवन कुंडू की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर पिछले 15 दिनों से स्थिति बनी हुई थी। परिवार और किसान संगठनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने बात रखी गई थी। मांगों पर सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। 11 वर्षीय बेटे ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के लिए यह बेहद दुखद और भावुक क्षण रहा।
जीवन कुंडू के अंतिम संस्कार में खाप प्रतिनिधियों के साथ किसान संगठनों से जुड़े लोग भी पहुंचे। ग्रामीणों और अन्य लोगों ने दिवंगत को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
बताया गया कि सरकार ने परिवार और किसान पक्ष की मांगों को मान लिया था। इसके बाद लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म करने की दिशा में रास्ता साफ हुआ और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आसपास के क्षेत्र में निगरानी रखी गई।
किसान प्रतिनिधियों और खाप नेताओं ने कहा कि जीवन कुंडू के परिवार को न्याय दिलाने और उनकी मांगों को लेकर वे लगातार आवाज उठाते रहे। सरकार की ओर से मांगें माने जाने के बाद अंतिम संस्कार संभव हो पाया।
परिवार के लिए 15 दिनों का इंतजार बेहद कठिन रहा। अब अंतिम संस्कार के बाद परिवार और ग्रामीणों की ओर से जीवन कुंडू को अंतिम विदाई दी गई।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने दिवंगत को श्रद्धांजलि दी। गांव में शोक का माहौल रहा और लोगों ने परिवार को इस दुख की घड़ी में साथ देने का भरोसा दिलाया।
सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति के बाद अब सभी की नजर मामले में आगे होने वाली कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर है। परिवार को उम्मीद है कि सरकार द्वारा मानी गई मांगों को तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जाएगा।
जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार 15 दिन बाद पूरा होने के साथ ही इस मामले से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ। उनके 11 वर्षीय बेटे द्वारा दी गई मुखाग्नि ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया।
