हरियाणा में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 2 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। झज्जर में तेज बारिश देखने को मिली, जबकि पानीपत और सोनीपत में आसमान में बादल छाए रहे। मानसून की सक्रियता से आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
झज्जर में हुई तेज बारिश के कारण मौसम में बदलाव साफ नजर आया। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। हालांकि, तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
पानीपत और सोनीपत में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखाई दिया। दोनों जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहे। बादल छाने के बावजूद हर इलाके में बारिश नहीं हुई, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के चलते बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने यलो अलर्ट वाले जिलों में लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी है। तेज बारिश और आंधी के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
हरियाणा में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी के कारण किसानों की नजर मानसून की आगे की गतिविधियों पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।
कृषि क्षेत्र के लिए मानसून की बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। पर्याप्त बारिश से फसलों को फायदा मिलता है, जबकि लंबे समय तक बारिश कम होने पर सिंचाई और फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, यदि कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। शहरों में नालियों और सीवर व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ सकता है।
बारिश के दौरान वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। फिसलन भरी सड़कों और कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को जरूरी होने पर ही खराब मौसम में बाहर निकलने की सलाह दी जाती है।
मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ सकती है और कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर दोबारा महसूस हो सकता है।
फिलहाल हरियाणा में मानसून की सक्रियता ने किसानों और आम लोगों की उम्मीद बढ़ा दी है। सभी की नजर अब आने वाले दिनों में होने वाली बारिश पर है, क्योंकि अच्छी बारिश से इस सीजन की बारिश की कमी को कम करने में मदद मिल सकती है।
मौसम विभाग के अलर्ट और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
