हरियाणा में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। सोनीपत और नूंह में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। कई जगहों पर लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि एक अंडरपास में सरकारी ट्रैक्टर भी पानी में डूब गया।
सोनीपत के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में पानी सड़क से निकलकर आसपास के हिस्सों तक पहुंच गया।
नूंह में भी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। यहां कई सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहन चालकों को पानी के बीच से निकलना पड़ा।
बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने से एक सरकारी ट्रैक्टर भी पानी में डूब गया। ट्रैक्टर को पानी से बाहर निकालने के लिए प्रयास किए गए। इस घटना के बाद अंडरपास में जलनिकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।
लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कें और निचले इलाके पानी में डूब गए। लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन की ओर से जलभराव वाले इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जहां जरूरत है, वहां पानी निकालने के लिए पंप और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बारिश के कारण सबसे ज्यादा परेशानी निचले इलाकों और अंडरपास में देखने को मिली। पानी का स्तर बढ़ने के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
वाहन चालकों से भी अपील की जा रही है कि वे पानी से भरे अंडरपास और सड़कों पर बिना स्थिति का अंदाजा लगाए वाहन न ले जाएं। ज्यादा पानी होने पर वाहन बंद होने और हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
सोनीपत और नूंह के अलावा हरियाणा के अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम खराब रहने पर जलभराव की स्थिति और बढ़ सकती है।
फिलहाल सोनीपत और नूंह में बारिश के बाद जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़कों पर दो से तीन फीट पानी और अंडरपास में सरकारी ट्रैक्टर के डूबने की घटना ने प्रशासन के सामने जलनिकासी की चुनौती को उजागर किया है।
