गुरुग्राम में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के बाद से लापता बताए जा रहे कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्ष आखिरकार DCP दफ्तर पहुंच गए। दोनों नेताओं के अचानक सामने आने के बाद दिनभर चले राजनीतिक घटनाक्रम पर विराम लगा। DCP कार्यालय में पुलिस की मौजूदगी के बीच दोनों की मौके पर ही जमानत हो गई।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए गए थे। इसके बाद कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्ष समेत कुछ नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की चर्चा शुरू हुई।
काले झंडे दिखाने की घटना के बाद से दोनों जिलाध्यक्ष सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आ रहे थे। कांग्रेस नेताओं की ओर से उन्हें लापता या अंडरग्राउंड बताए जाने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया था।
इसी बीच दोनों जिलाध्यक्ष अचानक DCP दफ्तर पहुंच गए। उनके वहां पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद दोनों को मौके पर ही जमानत मिल गई।
दोनों नेताओं के DCP कार्यालय पहुंचने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भी नजर पूरे घटनाक्रम पर रही। दिनभर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उनके बारे में अलग-अलग चर्चाएं चलती रहीं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के सामने विरोध जताना लोकतांत्रिक अधिकार है। पार्टी की ओर से पहले भी कहा गया था कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
वहीं पुलिस की ओर से मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही जा रही है। पुलिस यह जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान किन परिस्थितियों में काले झंडे दिखाए गए और क्या किसी तरह का नियम उल्लंघन हुआ था।
दोनों जिलाध्यक्षों के DCP कार्यालय पहुंचने के बाद दिनभर चल रहा राजनीतिक ड्रामा खत्म हुआ। इससे पहले उनके अचानक सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आने के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और दर्ज केस के आधार पर होगी। दोनों नेताओं को जमानत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली।
फिलहाल गुरुग्राम में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के बाद शुरू हुआ विवाद राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों कांग्रेस जिलाध्यक्ष DCP दफ्तर पहुंच चुके हैं और उन्हें मौके पर जमानत मिल गई है।
