पानीपत नगर निगम द्वारा ट्रांसपोर्ट ऑफिस भवन को तोड़ने के फैसले पर अदालत ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला किसी खतरनाक या जर्जर भवन का नहीं है और निगम ने बिना पर्याप्त आधार के जल्दबाजी में ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया, जिससे अपूरणीय क्षति हो सकती है। अदालत के इस हस्तक्षेप से फिलहाल भवन को राहत मिली है और मामले की आगे सुनवाई होने तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ पर रोक रहेगी।
