फरीदाबाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक बड़े गुलामी और साइबर ठगी रैकेट का खुलासा किया है। इस रैकेट के तहत भारत के युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी का लालच देकर पहले थाईलैंड भेजा जाता था, फिर वहां से अवैध तरीके से म्यांमार ले जाकर उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी कराई जाती थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवाओं के पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें बंधक बना लेते थे। काम करने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। पीड़ितों से सोशल मीडिया और फर्जी कॉल सेंटर्स के जरिए लोगों को ठगने का दबाव डाला जाता था।
इस मामले में मुख्य आरोपी को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है, जो विदेश भागने की फिराक में था। पूछताछ में आरोपी ने रैकेट से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
फरीदाबाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह रैकेट काफी समय से सक्रिय था और अब तक कई युवाओं को इसका शिकार बनाया जा चुका है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर मिलने वाले अनजान ऑफर्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध एजेंट की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यह कार्रवाई न सिर्फ पीड़ित युवाओं के लिए राहत की खबर है, बल्कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता भी मानी जा रही है।
