उत्तर भारत में शीतलहर ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में तापमान माइनस 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जम गई है, पाइपलाइनें फ्रीज हो रही हैं और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
राजस्थान में भी कड़ाके की सर्दी का असर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। माउंट आबू, सीकर, फतेहपुर, चूरू, नागौर, झुंझुनूं जैसे इलाकों में सुबह-शाम सर्द हवाओं के साथ गलन बढ़ गई है। खुले इलाकों में खेतों और सड़कों पर पाला जमने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम विभाग ने घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना जताई गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। सुबह के समय हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं, वहीं ट्रेनें और बसें भी देरी से चल रही हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। पहाड़ी इलाकों में तापमान और गिर सकता है, जबकि मैदानी राज्यों में शीतलहर और कोहरा बना रहेगा।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की हिदायत भी दी गई है।
