हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भाजपा नेता संदीप सिंह से जुड़े रेप केस में अहम मोड़ आया है। महिला एथलीट द्वारा दायर केस ट्रांसफर याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब यह मामला पहले वाली अदालत की बजाय दूसरी सक्षम अदालत में सुना जाएगा। कोर्ट के इस फैसले को पीड़िता के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
महिला एथलीट ने आरोप लगाया है कि संदीप सिंह ने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पहले से ही एफआईआर दर्ज है और जांच प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि, पीड़िता ने निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका जताते हुए केस को दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी।
कोर्ट ने क्यों मानी ट्रांसफर याचिका?
कोर्ट के सामने पीड़िता की ओर से कई तर्क रखे गए, जिनमें से तीन प्रमुख वजहों को आधार बनाकर याचिका स्वीकार की गई—
- निष्पक्ष सुनवाई पर आशंका
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि आरोपी का राजनीतिक रसूख और प्रभाव स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष सुनवाई में बाधा बन सकता है। - सुरक्षा और दबाव का मुद्दा
महिला एथलीट ने कोर्ट को बताया कि उसे मानसिक दबाव और अप्रत्यक्ष धमकियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वह खुलकर अपनी बात रखने में असहज महसूस कर रही है। - न्यायिक विश्वास बनाए रखने की जरूरत
कोर्ट ने माना कि ऐसे संवेदनशील मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पर आम लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है, इसलिए केस का ट्रांसफर उचित है।
आगे क्या होगा
अब यह मामला नई अदालत में चलेगा, जहां आगे की सुनवाई की तारीख तय की जाएगी। ट्रांसफर के बाद जांच और ट्रायल की प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाया जाएगा। पीड़िता के वकील ने इसे “न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम” बताया है।
वहीं, संदीप सिंह की ओर से अभी इस फैसले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। केस ट्रांसफर के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं
