देवघर। झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बैद्यनाथ धाम और पार्वती मंदिर में परंपरागत रीति के अनुसार शिखर पर स्थापित पंचशूल को विधि-विधान के साथ उतारा गया। इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने और पंचशूल का मस्तक से स्पर्श करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़ पड़े। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
मंदिर प्रशासन और पुरोहितों की देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचशूल को सावधानीपूर्वक नीचे लाया गया। मान्यता है कि पंचशूल का दर्शन और स्पर्श करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। जैसे ही पंचशूल नीचे लाया गया, श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई और लोगों ने श्रद्धा के साथ माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
बताया गया है कि विशेष पूजा-अर्चना और पारंपरिक अनुष्ठानों के बाद पंचशूल को पुनः मंदिर के शिखर पर स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि भीड़ के बीच किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।
धार्मिक दृष्टि से पंचशूल उतारने और पुनः स्थापित करने की यह परंपरा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर वर्ष इस आयोजन के दौरान दूर-दराज से भक्त देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
