चंडीगढ़ नगर प्रशासन ने शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सभी प्रकार की छूट समाप्त करने का फैसला लिया है। अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और डिलीवरी बॉय को भी किसी तरह की फीस में रियायत नहीं मिलेगी। पहले जहां कुछ श्रेणियों को विशेष छूट या शुरुआती समय के लिए राहत मिलती थी, वहीं अब नई व्यवस्था के तहत पार्किंग में वाहन खड़ा करते ही तय दर के अनुसार शुल्क देना होगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले 15 मिनट के लिए भी अब अलग से कोई मुफ्त या रियायती समय नहीं मिलेगा, बल्कि पूरा निर्धारित किराया देना अनिवार्य होगा।
प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और राजस्व बढ़ाना है। साथ ही, बार-बार पार्किंग में कम समय के लिए वाहन खड़ा कर शुल्क से बचने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। हालांकि, इस निर्णय से डिलीवरी सेवाओं से जुड़े युवाओं और इलेक्ट्रिक वाहन चालकों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि उन्हें अब हर बार पार्किंग शुल्क चुकाना पड़ेगा। शहर में नई दरें लागू होने के बाद आम वाहन चालकों की जेब पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है
