नई दिल्ली। हिंदू धर्मगुरु शंकराचार्य ने हाल ही में एक तीखा बयान देते हुए कहा कि “जो लोग मेरी हत्या की इच्छा रखते हैं, उन्हीं से मैं अपनी सुरक्षा कैसे मांग सकता हूं?” उनके इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि उन पर कुकर्म का आरोप लगाने वाला व्यक्ति स्वयं एक अपराधी है और उसका संबंध कथित रूप से गो-हत्या में शामिल लोगों से रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी से व्यक्तिगत द्वेष नहीं रखते, लेकिन अगर उनकी जान को खतरा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके बयान के बाद समर्थकों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, जबकि विरोधी पक्ष ने आरोपों की स्वतंत्र जांच की बात कही है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले ने धार्मिक संगठनों और सामाजिक समूहों के बीच बहस को और तेज कर दिया है
