हरियाणा के पानीपत में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में किसानों ने बड़ा प्रदर्शन किया। विभिन्न किसान संगठनों के बैनर तले सैकड़ों किसान शहर में एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि यदि यह FTA लागू होता है तो देश के कृषि क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ेगा, खासकर गेहूं, मक्का, डेयरी और कपास उत्पादकों को नुकसान होगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समझौता वापस नहीं लिया तो देशव्यापी हड़ताल की जाएगी और गांव-गांव आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि विदेशी कृषि उत्पादों को कम शुल्क पर भारत में आने की अनुमति मिलने से स्थानीय किसानों की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि पहले से ही लागत बढ़ने और एमएसपी को लेकर किसानों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं, ऐसे में यह समझौता “किसानों के हितों के खिलाफ” साबित होगा। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई कि किसी भी व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसान संगठनों ने केंद्र सरकार से तुरंत वार्ता करने और FTA की शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
