शिमला/मंडी (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फॉरेस्ट गार्ड ने अवैध पेड़ कटान के एक मामले को रफा-दफा करने के बदले शिकायतकर्ता से घूस की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति पर पेड़ों की कटाई का केस दर्ज था। मामले में राहत देने और कार्रवाई को हल्का करने के नाम पर फॉरेस्ट गार्ड ने मोटी रकम की मांग की। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से की। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम ने मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद की है। अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी शामिल तो नहीं है।
विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
