उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है। Rajasthan के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। किसानों की चिंता बढ़ गई है, खासकर गेहूं और सरसों की फसल पर असर देखा जा रहा है। कई जगहों पर सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
वहीं Madhya Pradesh के विभिन्न इलाकों में बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में सुबह से बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
Haryana में बारिश के बाद तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास होने लगा है। कई जिलों में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ गई है।
इधर पहाड़ी राज्य Uttarakhand में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ, केदारनाथ और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में ताजा बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट आई है। बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने फिसलन और सड़क बंद होने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
