चंडीगढ़ (Amar Ujala/दूसरे स्रोतों के आधार पर) – पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में आज आम आदमी पार्टी (AAP) के खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए एक जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार, लालपुरा और अन्य पक्षों को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 30 मार्च 2026 तक के लिए तय की है।
मामला क्या है?
- याचिकाकर्ता जसवंत सिंह ने हाईकोर्ट में दावा किया है कि लालपुरा को 2013 में एक महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी ठहराया गया था, और तरनतारन की अदालत ने उन्हें पिछले साल सितंबर में चार साल कैद की सजा दी थी। ऐसी सजा मिलने वाले किसी भी विधायक को हिदनाधिकारी कानून के तहत अपनी सीट खो देनी चाहिए, लेकिन अब तक उनकी सदस्यता रद्द नहीं की गई है।
- याचिकाकर्ता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद ही सदस्यता रद्द हो जानी चाहिए थी, लेकिन यह नहीं हुआ। इसलिए अब हाईकोर्ट से इस कार्रवाई को बाध्यकारी बनाने की मांग की गई है।
पहले क्या हुआ था?
- यह मामला 2013 के एक छेड़छाड़ और मारपीट के प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें लालपुरा समेत कई लोगों पर आरोप था कि उन्होंने एक महिला को विवाह समारोह के दौरान प्रताड़ित किया था। मामले में हाईकोर्ट ने 4 साल की जेल की सजा को बरकरार रखा, और राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि सदस्यता रद्दीकरण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है।
- हालांकि सजा मिलने के बाद भी वर्तमान समय में लालपुरा विधायक पद पर बने हुए हैं, यही स्थिति विवाद का मुख्य कारण बनी है।
क्या आगे होगा?
अब हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिस के जवाब में पंजाब सरकार और विधायक लालपुरा को अपनी दलील पेश करनी है। 30 मार्च 2026 को इस मामले की अगली सुनवाई होनी है, जिसमें अदालत इस बात पर फैसला ले सकती है कि सदस्यता रद्दीकरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू होनी चाहिए या नहीं।
अगर हाईकोर्ट याचिका के पक्ष में फैसला देता है, तो विधायक की सदस्यता रद्द हो सकती है, जिससे खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होने की संभावना भी बन सकती है।
