चंडीगढ़/हरियाणा। हरियाणा में बुधवार सुबह उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को उनके घरों से हिरासत में लेना शुरू कर दिया। ये सभी नेता चंडीगढ़ में विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होने वाले थे।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को पहले से ही घेराव और प्रदर्शन की सूचना थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई जिलों में तड़के ही कार्रवाई करते हुए स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके निवास स्थान से उठाया।
गाड़ियां जब्त, ड्राइवर भी हिरासत में
पुलिस ने नेताओं की गाड़ियों को भी जब्त कर लिया। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर ड्राइवरों को भी हिरासत में लिया गया, ताकि वे प्रदर्शन स्थल तक किसी को न ले जा सकें। इस कार्रवाई के बाद कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।
चंडीगढ़ विधानसभा की ओर था कूच
बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी ने विभिन्न मुद्दों—महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं—को लेकर चंडीगढ़ में विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाए।
चंडीगढ़ में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई जगह बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोकना संविधान के अधिकारों का उल्लंघन है।
प्रशासन का पक्ष
वहीं प्रशासन का कहना है कि धारा 144 लागू होने और संभावित भीड़ को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।
फिलहाल प्रदेश की राजनीति में इस कार्रवाई को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
