लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को ब्रिटेन का वीजा नहीं मिलने की खबर के बीच वे जर्मनी दौरा समाप्त कर लखनऊ लौट आए हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित ब्रिटेन यात्रा वीजा स्वीकृति न मिलने के कारण स्थगित कर दी गई।
बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम का कार्यक्रम निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने से जुड़ा था। हालांकि ब्रिटेन यात्रा रद्द होने के बाद उन्होंने जर्मनी में निर्धारित बैठकों और कार्यक्रमों को पूरा किया और वहां से सीधे लखनऊ रवाना हुए।
जर्मनी दौरे में निवेश पर फोकस
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने जर्मन उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ कई अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
योगी सरकार का निवेश अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयास कर रही है। हाल के अंतरराष्ट्रीय दौरों और निवेशक सम्मेलनों के जरिए सरकार ने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जुटाने का दावा किया है।
सरकार का कहना है कि इन निवेशों से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
ब्रिटेन द्वारा वीजा न दिए जाने के मुद्दे पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने इसे “तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी मामला” बताया है। अभी तक ब्रिटिश दूतावास की ओर से इस विषय में कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार अन्य यूरोपीय देशों और एशियाई बाजारों में भी निवेश रोड शो आयोजित करने की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनाया जाए।
फिलहाल डिप्टी सीएम लखनऊ पहुंचकर विभागीय कार्यों में जुट गए हैं और आगामी निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
