वृंदावन में विदेशियों ने भी खेली होली, कहा – “मजा आ गया”
वृंदावन।
धार्मिक नगरी वृंदावन में इस बार होली का उत्सव बेहद खास रहा। प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही मंदिर के पट खुले, भक्तों ने “राधे-राधे” और “बांके बिहारी लाल की जय” के जयकारों के साथ रंगों की बारिश शुरू कर दी।
मंदिर परिसर गुलाल और फूलों की खुशबू से महक उठा। पुजारियों ने ठाकुरजी को अबीर-गुलाल अर्पित किया और उसके बाद भक्तों पर रंग बरसाया गया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय गीतों और ढोल की थाप से गूंजता रहा।
💃 नाचते-गाते पहुंचे श्रद्धालु
भक्त पारंपरिक वेशभूषा में झूमते-नाचते मंदिर पहुंचे। कई लोग दूर-दराज के राज्यों से तो कई श्रद्धालु विदेशों से खास तौर पर होली खेलने वृंदावन आए। विदेशी पर्यटक भी रंगों में सराबोर नजर आए और उन्होंने जमकर नृत्य किया।
फ्रांस, अमेरिका और रूस से आए पर्यटकों ने कहा कि “ऐसी होली हमने कहीं नहीं देखी। यहां का उत्साह और आस्था दिल को छू लेने वाली है। सच में, मजा आ गया!”
🌸 फूलों और गुलाल की बरसात
मंदिर में पारंपरिक फूलों की होली भी खेली गई। भक्तों पर गुलाब और गेंदे के फूल बरसाए गए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से उत्सव का आनंद ले सकें।
🙏 आस्था और उल्लास का संगम
वृंदावन की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और प्रेम का प्रतीक है। यहां की होली में शामिल होकर हर कोई खुद को कृष्ण भक्ति में डूबा हुआ महसूस करता है।
इस तरह बांके बिहारी मंदिर में होली का यह पर्व भक्ति, रंग और उल्लास के संगम के रूप में यादगार बन गया।
