राम मंदिर और बांके बिहारी मंदिर के बाहर पसरा सन्नाटा, शाम 7 बजे दोबारा होंगे दर्शन
लखनऊ/अयोध्या/वृंदावन: चंद्रग्रहण के कारण उत्तर प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के कपाट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए ग्रहण काल के दौरान पूजा-अर्चना और दर्शन पर रोक लगाई गई। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी कर शाम 7 बजे कपाट फिर से खोले जाएंगे।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ कम दिखाई दी। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से पहले ही घोषणा कर दी गई थी कि ग्रहण काल में मंदिर के पट बंद रहेंगे। मंदिर परिसर के बाहर सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा रहा।
वहीं, मथुरा-वृंदावन में भी असर देखने को मिला। प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के कपाट भी ग्रहण के दौरान बंद रहे। आमतौर पर जहां दिनभर ‘राधे-राधे’ के जयकारे गूंजते हैं, वहां आज शांति का माहौल रहा। मंदिर प्रशासन ने बताया कि ग्रहण समाप्ति के बाद विधि-विधान से सफाई और पूजन कर शाम 7 बजे से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
अन्य मंदिरों में भी यही व्यवस्था
राज्य के कई अन्य प्रमुख मंदिरों—कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज के धार्मिक स्थलों—पर भी यही व्यवस्था लागू रही। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण काल में भगवान की मूर्तियों को ढक दिया जाता है और नियमित पूजा स्थगित कर दी जाती है।
श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के बाद ही दर्शन के लिए आएं और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
गौरतलब है कि चंद्रग्रहण को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है। इसी कारण परंपरानुसार ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद रखने की परंपरा निभाई जाती है। शाम 7 बजे के बाद पुनः आरती और दर्शन की प्रक्रिया शुरू होगी।
