हरियाणा के सिरसा जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में आरोपी की मदद करने वाले उसके दोस्त और माता-पिता को भी दोषी मानते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला कुछ समय पहले सामने आया था जब आरोपी युवक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को अपने साथ रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने लड़की को बरामद कर मेडिकल जांच कराई और आरोपी सहित उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी के दोस्त और उसके माता-पिता ने भी उसे छिपाने और लड़की को अपने पास रखने में मदद की थी।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर मुख्य आरोपी को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी ठहराया और उसे 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। साथ ही, आरोपी की मदद करने के आरोप में उसके दोस्त और माता-पिता को भी सजा सुनाई गई।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध बेहद गंभीर हैं और ऐसे मामलों में दोषियों के प्रति सख्ती जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लग सके।
इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिला है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
