चंडीगढ़, 13 मार्च 2026 — Punjab and Haryana High Court (पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट) ने राज्य सरकार को पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और संशोधित पेंशन एरियर के मुद्दे पर बड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने साफ किया है कि पेंशन और बेहतर महंगाई भत्ता (DA) का भुगतान तत्काल करना राज्य की कानूनी जिम्मेदारी है।
अदालत ने अपने ताज़ा आदेश में कहा है कि:
- सरकार सभी लंबित डीए भत्ते और संशोधित पेंशन एरियर का भुगतान 30 अप्रैल 2026 तक पूरा करे।
- यदि भुगतान में देरी होती है तो बकाया राशि पर 6% वार्षिक ब्याज लगाया जाएगा।
- हाईकोर्ट ने पंजाब मुख्य सचिव से कहा है कि तीन महीनों के भीतर एक प्रमाणित रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें बताया जाए कि वह राज्य के पेंशनरों के हित में निर्देशों को लागू करने के लिए क्या कदम उठा रहा है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ता (DA) एक कानूनी हक है, जिसे वित्तीय कठिनाइयों के कारण रोका नहीं जा सकता। अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि सैकड़ों पेंशनधारक इस बकाया का इंतजार करते-करते स्वर्ग सिधार चुके हैं, जो उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
पिछली सुनवाई में, हाईकोर्ट ने पहले भी निर्देश दिए थे कि यदि कर्मचारी और पेंशनभोगी डीए और डीआर के बकाया पर लाभ पाने के हकदार हैं तो उन्हें तुरंत इसका लाभ दिए जाने संबंधी स्पष्ट आदेश तीन महीनों के भीतर जारी करना चाहिए।
इस कदम से पंजाब सरकार के हजारों रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अदालत के ताज़ा निर्देश का पालन न होने पर उससे जुड़े अधिकारियों और विभागों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
