पूरी खबर:
कनाडा में इमिग्रेशन फ्रॉड से जुड़े एक बड़े मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह ने सजा सुनाए जाने से पहले ही सरकार के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मामले के अनुसार, गुरप्रीत सिंह पर आरोप है कि उसने फर्जी जॉब लेटर और नकली दस्तावेजों के जरिए कई लोगों को कनाडा बुलाने का झांसा दिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस रैकेट के जरिए बड़ी संख्या में लोगों से मोटी रकम वसूली गई और उन्हें झूठे वादों के आधार पर विदेश भेजने की कोशिश की गई।
इस मामले में कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही आरोपी ने सरकार की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका दायर कर दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल सजा पर रोक (स्टे) लगा दी है, जिससे मामले में नया कानूनी पेच पैदा हो गया है।
सरकारी पक्ष का कहना है कि आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं और उसने सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगा है। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी है कि जांच प्रक्रिया में कई खामियां हैं और आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई का पूरा मौका नहीं दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, कोर्ट का यह स्टे अस्थायी है और आगे की सुनवाई में केस की दिशा तय होगी। अगर आरोप साबित होते हैं, तो गुरप्रीत सिंह को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, इस मामले ने विदेश जाने की चाह रखने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि विदेश जाने से पहले किसी भी एजेंट या ऑफर की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि ऐसे फ्रॉड से बचा जा सके।
